शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान से छात्रों का भविष्य अधर में

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शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान से छात्रों का भविष्य अधर में
छुई खदान-छत्तीसगढ़ सरकार की बहुआयामी योजना आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यमविद्यालय जोकि पिछले वर्ष प्रारंभ किया गया था उसकी वजह से हिंदी माध्यम के छात्रों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

अचानक लिया निर्णय में शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम के क्लास नवमी को बंद कर दिया है जिसकी वजह से कक्षा आठवीं से उत्तीर्ण हुए छात्रों को प्रवेश मन्ना स्वता ही समाप्त हो गया है। इस तुगलकी फरमान के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और नगर के छात्रों का भविष्य अंधकार में हो गया है बिना किसी जानकारी और जांच के शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम को बंद करके बालकों के सामने बड़ी दिक्कत पैदा कर दी है। सूत्रों से पता चला है कि जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पर कन्या शाला में बालकों को प्रवेश दिलाने की कोशिश चल रही है। जबकि कन्या शाला में पहले से ही 800 के करीब छात्राएं अध्ययनरत है। ऐसे में शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक के छात्रों को कैसे प्रवेश दिया जाएगा यह सोचनीय विषय है। क्योंकि शासकीय कन्या कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला में भवन व शिक्षकों की कमी पहले से ही है तो फिर वह किस प्रकार से इस व्यवस्था को संपादित कर पाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी से फोन में बात करने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया इस कारण उनसे जानकारी नहीं ली जा सकी। आने वाला समय भविष्य तय करेगा कि पढ़ने वाले बच्चों के साथ शिक्षा विभाग क्या कर पाता है उनके क्या बच्चों के साथ होने वाले इस खिलवाड़ को रोक पाता है कि नहीं।


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