रीपा में 50 से अधिक लोगों को उपलब्ध हो रहा रोजगार, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना हो रहा है साकार 

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ग्राम संबलपुर के रीपा में जैम-जैली, आचार, टेडी बियर और ब्लैक गार्लिक का किया जा रहा है उत्पादन

रीपा में 50 से अधिक लोगों को उपलब्ध हो रहा रोजगार, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना हो रहा है साकार

मुंगेली// राज्य शासन की रूरल इंडस्ट्रियल पार्क रीपा योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व स्व रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार हो रहा है। शासन की महत्वाकांक्षी रीपा योजना के तहत मुंगेली विकासखंड के ग्राम संबलपुर में ग्रामीण औद्योगिक पार्क का निर्माण किया गया है। जहां वर्तमान में 50 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। रीपा में अलग-अलग गतिविधि के लिए अलग-अलग समूह का चयन किया गया है तथा प्रत्येक समूहों को रीपा में आजीविकामूलक गतिविधियों के संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदाय किया गया है। जिसके पश्चात समूह द्वारा ग्राम संबलपुर के रीपा में जैम-जैली, आचार, टेडी बियर, ब्लैक गार्लिक जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

समूह द्वारा बनाया जा रहा है आम, नींबू और कटहल का आचार

          रीपा में कौशल माता स्व सहायता समूह द्वारा आम, कटहल, नींबू से आचार बनाने का कार्य किया जा रहा है। समूह की 07 महिलाओं और तीन पुरुषों द्वारा अब तक 270 किलोग्राम आचार तैयार कर लिया गया है। जिसे पैकेजिंग के बाद सी मार्ट के माध्यम से विपणन किया जायेगा। इसके विक्रय से लगभग 11 हजार रूपए की आमदनी होने की संभावना है। समूह द्वारा 25 मई से आचार बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें बाकायदा प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ है। आचार बनाने के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। समूह के लोगों का कहना है कि वे इस कार्य से काफी खुश हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया है।  

औषधीय गुणों से परिपूर्ण ब्लैक गार्लिक का किया जा रहा उत्पादन

            ग्राम संबलपुर के रीपा में नवयुवक मंडल कौशल माता स्व सहायता समूह द्वारा औषधीय गुणों से परिपूर्ण ब्लैक गार्लिक का उत्पादन किया जा रहा है। समूह द्वारा लहसुन को 15 दिनों तक एक निश्चित ताप में मशीन में रखकर ब्लैक गार्लिक तैयार किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण मिला है। ब्लैक गार्लिक के महत्व को बताते हुए समूह की महिलाएं बताती है। इसका उपयोग शुगर पेशेंट, हार्ट पेशेंट द्वारा किया जाता है। इसके साथ ही हाथ पैर-दर्द से राहत के लिए और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी इसका उपयोग होता है। ब्लैक गार्लिक की बाजार में अच्छी मांग है। इसे न्यूनतम 600 रुपए किलोग्राम की दर से विक्रय किया जा सकता है।

मात्र 10 दिनों में 200 से अधिक टेडी बियर का हुआ उत्पादन

             ग्राम संबलपुर के रीपा में जय शिवशक्ति समूह द्वारा टेडी बियर और कुशन बनाने का कार्य किया जा रहा है। समूह द्वारा मात्र 10 दिनों में 200  से अधिक टेडी बियर बनाया जा चुका है, जिसमे से 80 टेडी बियर का विक्रय किया जा चुका है और खर्च काटकर लगभग 04 हजार की आमदनी प्राप्त की गई है। टेडी बियर बनाने के लिए 15 दिनों का प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ। जय मां दुर्गा स्वसहायता समूह द्वारा रीपा में जैम, जैली, टोमैटो साॅस, एलोवीरा जैल, अर्क, फू्रट कैंडी, अनार मोलिसस, चिली साॅस, साबुन और शैम्पु का कच्चा पदार्थ, कटहल की बड़ी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही समूह द्वारा छीन बीज से काफी पावडर भी तैयार किया जा रहा है, जो कि औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। 


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